संवाददाता आंवला/बरेली। जी हां रामनगर व्लाक के बरसेर ग्राम पंचायत के प्रधान व सचिव की मेहनत को किसी की नजर लग गई । खबर प्रकाशित होने के बाद महीनों से गंदगी से पटे पड़े सामुदायिक शौचालय की आनन फानन में साफ-सफाई कराई गई ।और उसके ठीक बाद कोई टायलेट सीटों पर फिर से गंदगी फैला गया ।

आपको बता दें आंवला तहसील के व्लाक रामनगर की ग्राम पंचायत बरसेर में लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय की हकीकत को दिखाते हुए खबर को प्रमुखता से दिखाया गया । जिसके बाद हरकत में आये सचिव और प्रधान ने आनन-फानन में सामुदायिक शौचालय में भरी पड़ी गंदगी को साफ करवा दिया।लेकिन ये क्या दो दिन भी ढंग से नहीं बीते फिर से सामुदायिक शौचालय का वही हाल होना शुरू हो गया । आपको बता दें सूत्रों द्वारा बताया गया कि ग्राम प्रधान व सचिव ने सामुदायिक शौचालय में साफ-सफाई तो करा दी लेकिन केयर टेकर द्वारा रोजाना अपनी ड्यूटी नहीं की जा रही जिस कारण सफाई के दो दिन बाद ही फिर से उसमें गंदगी जमा होने लगी।सामुदायिक शौचालय में ताले डाल दिए गये हैं जो खुला है उसमें बकरियां घूम रही हैं।हमारे संवाददाता द्वारा मौके पर जाकर पड़ताल की गई तो सामुदायिक शौचालय में ताले लटके दिखाई दिए।जो खुला था उसमें बकरियां घूम रही थी पुनः गंदगी पड़ीं थी । इससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि खबर प्रकाशित होने पर ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा सिर्फ और सिर्फ दिखावे के लिए सामुदायिक शौचालय में साफ-सफाई कराई गई । किसी केयर टेकर द्वारा रोजाना सामुदायिक शौचालय में साफ-सफाई नहीं की जा रही। केयर टेकर का वेतन 6 हजार प्रतिमाह और रख रखाव हेतु 3 हजार प्रतिमाह रूपये धड़ल्ले से निकालकर उसका बंदर बांट किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के केयर टेकर सहित ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा योगी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण को जमकर पलीता लगया जा रहा है और व्लाक से लेकर तहसील तक अधिकारी गहरी नींद में सो रहे हैं।
