बरेली/देवरनियाँ । संसार मे प्रेम से बढकर कोई सार नही है । यह प्रवचन क्षेत्र के ग्राम सिंगतरा मे शिव मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा के तीसरे दिन आज व्रन्दावन धाम से पधारे कथा व्यास राजकमल दास महाराज (त्यागीजी) ने प्रभु भक्ति का वर्णन करते हुए कहा
कि प्रभु के प्रति सच्ची श्रद्धा हो तो मोक्ष सहज प्राप्त हो जाता है । उन्होंने कहा कि भगवान कहते है कि जो मेरी तरफ प्रेम भक्ति से दो कदम बढता मै उसकी ओर चार कदम बढकर उसे थाम लेता हूं । प्रभु के प्रति प्रेम और सच्ची श्रद्धा की प्राप्ति का ज्ञान सत्संग करने से प्राप्त होता है । श्रीमद भागवत कथा श्रवण करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है और ज्ञान से ही भक्ति प्राप्त होती है । और प्राणी को ईशवरीय क्रपा प्राप्त होती है और वह एकाकार होकर मोक्ष को प्राप्त हो जाता है ।
कथा मे आयोजक सन्त केशवदास महाराज श्री व्रन्दावन धाम से पधारे सन्तजन आदि मुख्य व्यवस्थागण व आस पास गॉवों के भारी संख्या श्रोता मौजूद रहे ।